मिथिलांचल टुडे मैथिलि पत्रिका

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शनिवार, 21 अप्रैल 2012

सहयोग लेल खाता - दहेज मुक्त मिथिला" के संस्थागत खाता के पूर्ण डिटेल


दहेज मुक्त मिथिला - एक संस्था के रूप लेलक अछि। सभ के जानकारी देबय लेल चाहब जे एहि बेर सौराठ सभा में जानकी नवमी 

मनेबाक विचार अछि  ताहि के संग-संग अगिला सौराठ सभामें कोन तरहें सहभागी बनब ताहि विन्दुपर  विभिन्न विषय पर विचार करबाक योजना अछि। एहि में के सभ आबि सकैत छी वा के सभ अपन सहयोग पठा सकैत छी से जानकारी देल जाउ।
सहयोग लेल खाता - दहेज मुक्त मिथिलाके संस्थागत खाता के पूर्ण डिटेल

खाताधारक केर नाम :- सौराठ सभा विकास समिति एवं दहेज मुक्त मिथिला

खाता नं.:- 31742944456
खाताधारक केर बैंकक नाम :- भारतीय स्टेट बैँक
खाताधारक केर बैंकक पता :- रहिकामधुबनीबिहार
आई एफएस .सी . कोड:-SBIN0005897

(used for RTGS and NEFT transactions)
(
नोटकोष जमा केला के बाद डाशेखर चन्द्र मिश्र जिनक फोन नंबर निचां देने छीहुनका जानकारी अवश्य दी। आई एफएस .सीकोड अई लेल की जे सहयोगकर्ता ऑनलाइन सहयोग राशी जमा करचाही  जमा सकैत छी।)
कार्यक्रम के योजना:
विचार गोष्ठी २८ अप्रील २०१२ - दिनके  बजे सँ सभागाछी में।
जानकी नवमी ३० अप्रील २०१२ - भिनसर  बजे सँ सभागाछी में।
विधान परिषद्‌ सभापति तारा बाबु संग शिवनगरमें भेंटघाँट लेल प्रतिनिधि मंडल  बजे उपरान्त।
धन्यवाद!
प्रवीण नाचौधरी
दहेज मुक्त मिथिला
९१३५४६२२५१
००९७७-९८५२०२२९८१.
स्थानीय सम्पर्क:
डाशेखर चन्द्र मिश्र - ९२७९३४३०९०
पंशंभुनाथ झा - ८८०९८००६२३
दिल्लीमदन ठाकुर - ९३१२४६०१५०

1 टिप्पणी:

  1. दहेज़प्रथा
    हमरा दृष्टिकोण में दहेज़प्रथा एकटा समाज के संतुलित (संतुलित के भाव जे जाही स्तर के छथि से ओहि स्तर के लोक स संपर्क करथि) करक बसते उपजल , से जहिया उपजल वा उठल हैत कारन जे दहेज़क शुरुआत त समाजक पैघ आ प्रठिस्थित लोक स शुरुआत भेल होयत. कारन जखन पैघ लोक (जे धन आ समाजक ख्याति में श्रेष्ठ ) छल हेताह हुनके देंन होयत. कारन शुरुआत में जखन करीब बेटीक बाप अपना स उच्च कूल में बेटीक विवाहक प्रस्ताव राखय लागल हेताह त ओहि स बचबाक लेल ई प्रथा के जन्म भेल होयत कारन स्वभावतः अखनो हर बेटीक बाप के ई इच्छा रहैत छनी जे हमर बेटी सुखी आ अपना स बेसी सुदृढ़ परिवार में विवाह होई, ई कोनो गलतो बात नहीं.

    हम दहेज़प्रथा स नहीं दहेज़ लोभी स घृणा करैत छी, जे वरक वाप या सम्बन्धी जखन कोनो कन्यागत के अपना स्तर के बुझी हुनका ई बात कहैत छथिन जे आहां ओहिठाम वरदान करवा में कोनो आपत्ति नहीं तखन मात्र दहेज़ के कारन जे सम्बन्ध नहीं होइत अछि ओइ वरक गार्जियन के धिक्कार छनि. हम एहन तरहक जे कियो व्यक्ति छथि हुनका सब स घृणा करक लेल पूरा समाज के आग्रह करैत छी. ओइ व्यक्ति के वहिष्कार कयल जाई त दहेज़ प्रथा अपने आप कम वा ख़तम होवक सम्भावना बढ़त.
    संजय झा - नागदह, मधुबनी बिहार

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